पुलिस द्वारा प्रेषित किये जाने वाले विभिन्न रिपोर्ट व पत्राचार

पुलिस विभाग में विभिन्न रिपोर्ट एवं पत्रों की आवश्यकता
यह लिखी गई सामग्री मुख्य रूप से स्वयं के  जानकारी के लिए  एकत्रित   की गई है। इसका उद्देश्य अपनी जानकारी और अनुभवों को एक स्थान पर व्यवस्थित रखना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इन्हें आसानी से देखा और समझा जा सके।
पुलिस विभाग में विवेचना एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित कार्य केवल मौके पर की गई कार्रवाई तक सीमित नहीं होते। किसी भी प्रकरण में की गई कार्रवाई को संबंधित अधिकारी, न्यायालय अथवा विभागीय अधिकारी के समक्ष स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने के लिए समय-समय पर विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट एवं पत्र भेजने की आवश्यकता होती है।
विवेचना के दौरान अभियुक्त की गिरफ्तारी, पीड़ित अथवा पीड़िता की जन्मतिथि की पुष्टि, चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त करना, बरामद शस्त्र का यांत्रिक परीक्षण कराना, न्यायालय में बयान दर्ज कराने का अनुरोध, अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करना तथा फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से अधिपत्र जारी कराने जैसे अनेक कार्यों के लिए अलग-अलग प्रकार के पत्र तैयार किए जाते हैं।
इसी प्रकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए BNSS के अंतर्गत चालानी रिपोर्ट, गिरफ्तारी संबंधी पत्र तथा अन्य आवश्यक रिपोर्ट तैयार कर सक्षम अधिकारी अथवा न्यायालय को प्रेषित की जाती हैं।
कुछ रिपोर्ट  के प्रारूप निम्न हैं

1विद्यालय से प्रमाणित जन्मतिथि प्राप्त करने संबंधी रिपोर्ट
रिपोर्ट थाना ——– जनपद ——–
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय
प्राथमिक ——–
जनपद ——–
महादेय,
कृपया अवगत कराना है कि थाना ——– में पंजीकृत मु0अ0सं0 000/2000 धारा ——– बी0एन0एस0 व ——– पास्को एक्ट की विवेचना मुझ विवेचक द्वारा की जा रही है। विवेचना के क्रम में अभियोग से संबंधित पीड़िता ——– पुत्री ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– द्वारा प्राथमिक विद्यालय ——– जनपद ——– में कक्षा 05 तक शिक्षा ग्रहण की गयी है।
पीड़िता ——– उपरोक्त की प्रमाणित जन्मतिथि की आवश्यकता है।
अतः पीड़िता ——– उपरोक्त की विद्यालय के अभिलेखानुसार प्रमाणित जन्मतिथि उपलब्ध कराने का कष्ट करें, जिससे मुकदमा उपरोक्त का विधिक निस्तारण किया जा सके।
दिनांक- ——–
उ0नि0/विवेचक
थाना ——–
जनपद ——–
2. चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त करने संबंधी पत्र
रिपोर्ट थाना ——– जनपद ——–
सेवा में,
श्रीमान चिकित्साधीक्षक महोदय
——– जनपद ——–
महादेय,
सादर अवगत कराना है कि थाना ——– में पंजीकृत मु0अ0सं0 ——– धारा ——– बी0एन0एस0 ——– एक्ट थाना ——– जनपद ——– से संबंधित मज़रूब ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– को मज़रूबी अवस्था में ——– जनपद ——– में दिनांक ——– को आपके चिकित्सालय में इलाज हेतु उसके परिजन द्वारा लाया गया था।
मज़रूब ——– का चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट अप्राप्त है। विवेचना के क्रम में मज़रूब की चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट की आवश्यकता है।
अतः अनुरोध है कि मज़रूब ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– का मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट, बेड हेड टिकट व सप्लीमेंट्री रिपोर्ट प्रदान करने की कृपा करें, ताकि विवेचना का विधिक निस्तारण किया जा सके।
संलग्नक- ——– की रिपोर्ट 01 वर्क
दिनांक- ——–
उ0नि0/विवेचक
थाना ——–
जनपद ——–

3. बरामद शस्त्र के यांत्रिक परीक्षण के संबंध में पत्र
रिपोर्ट थाना ——– जनपद ——–
सेवा में,
श्रीमान प्रतिसार निरीक्षक महोदय
रिजर्व पुलिस लाइन
जनपद ——–
विषय:- मु0अ0सं0 ——– धारा ——– बी0एन0एस0 व 3/25/5/27 आर्म्स एक्ट थाना ——– जनपद ——– से संबंधित बरामद शस्त्र यांत्रिक परीक्षण कराये जाने के संबंध में।
महादेय,
थाना दोस्तपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0 ——– धारा ——– बी0एन0एस0 व 3/25/5/27 आर्म्स एक्ट थाना ——– जनपद ——– की विवेचना मेरे द्वारा संपादित की जा रही है।

विवेचना के क्रम में मुकदमा उपरोक्त से संबंधित अभियुक्त ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– की निशानदेही पर बरामद शस्त्र का यांत्रिक परीक्षण कराया जाना आवश्यक है।
अतः मुकदमा उपरोक्त से संबंधित तमंचे का यांत्रिक परीक्षण संबंधित से कराकर परीक्षण रिपोर्ट से अवगत कराने का कष्ट करें।

रिपोर्ट सादर सेवा में प्रेषित है।
दिनांक- ——–
उ0नि0/विवेचक
थाना ——-
जनपद ——–
4. अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु हुक्म तहरीरी
हुक्म तहरीरी (गिरफ्तारी) अन्तर्गत धारा 55 BNSS
सेवा में,
प्रभारी निरीक्षक,
थाना ——–
जनपद ——–
महादेय,
अवगत कराना है थाना ——– जनपद ——– पर दिनांक 00.00.2000 को पंजीकृत मु0अ0सं0 000/2000 धारा ——– बनाम 1. ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– की विवेचना मुझ प्रभारी निरीक्षक/विवेचक द्वारा संपादित की जा रही है।
मुकदमा उपरोक्त में नामित अभियुक्त 1 बनाम 1. ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– आपके थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जिनकी गिरफ्तारी किया जाना आवश्यक है।
अतः मुकदमा उपरोक्त में नामित व वांछित अभियुक्त 1. ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– के संबंध में सार्थक प्रयास कर गिरफ्तारी सुनिश्चित कर अवगत कराने का कष्ट करें।
रिपोर्ट सादर सेवा में प्रेषित है।
हस्ताक्षर
(—————)
प्र0नि0/विवेचक
थाना ——–
जनपद ——–

5. धारा 183 BNSS के अंतर्गत पीड़िता का बयान दर्ज कराने हेतु पत्र
रिपोर्ट थाना ——– जनपद ——–
सेवा में,
माननीय न्यायालय श्रीमान ——–
कोर्ट नं0 ——– जनपद ——–
विषय:- मु0अ0सं0 000/2000 धारा ——– बी0एन0एस0 थाना ——– जनपद ——– से संबंधित पीड़िता ——– पुत्री ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– का धारा 183 बी0एन0एस0एस0 के तहत बयान दर्ज किये जाने के सम्बन्ध में।
महादेय,
निवेदन है कि मु0अ0सं0 000/2000 धारा ——– बी0एन0एस0 थाना ——– जनपद ——– की विवेचना मुझ विवेचक द्वारा संपादित की जा रही है।
विवेचना के क्रम में मुकदमा उपरोक्त की पीड़िता ——– पुत्री ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– का माननीय न्यायालय के समक्ष धारा 183 बी0एन0एस0एस0 के तहत कलमबंद बयान दर्ज किया जाना आवश्यक है।
मुकदमा उपरोक्त की पीड़िता ——– महिला आरक्षी व अपने परिजन के साथ माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुई है।
अतः माननीय न्यायालय से निवेदन है कि पीड़िता ——– पुत्री ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– का विवेचना के क्रम में धारा 183 बी0एन0एस0एस0 के अन्तर्गत कलमबंद बयान दर्ज किये जाने की कृपा करें।
रिपोर्ट सादर सेवा में प्रेषित है।
(———)
उ0नि0 ——–
थाना ——–
जनपद ——–
6. अभियोजन अनुमति प्राप्त करने संबंधी रिपोर्ट
रिपोर्ट थाना ——– जनपद ——–
सेवा में,
संयुक्त निदेशक अभियोजन
जनपद ——–
महादेय,
कृपया सादर अवगत कराना है कि थाना ——– जनपद ——– पर पंजीकृत मु0अ0सं0 000/2000 धारा ——– बी0एन0एस0 की विवेचना मुझ विवेचक द्वारा संपादित की जा रही है।
अभियोग से संबंधित पीड़िता —- पुत्री ——– के बयान अन्तर्गत धारा 180/183 बी0एन0एस0एस0 के अवलोकन से पाया गया कि अभियुक्त ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– द्वारा पीड़िता ——– उपरोक्त के ——– की बात कही गयी है।
बयान के आधार पर अभियोग में ——– के विरुद्ध धारा ——– की बढ़ोत्तरी कर धारा ——– में विवेचना की जा रही है। अभियुक्त ——– की गिरफ्तारी करने में कोई विधिक बाधा तो नहीं है।
अतः मुकदमा उपरोक्त की समस्त पत्रावली CD-01 से CD-00 तक मय समस्त संलग्नक सहित आपके पास इस आशय से प्रेषित की जा रही है कि उक्त पत्रावली का अवलोकन/परीशीलन कर अपना स्पष्ट विधिक अभिमत प्रदान किये जाने का कष्ट करें।
हस्ताक्षर
उ0नि0/विवेचक
थाना ——–
जनपद ——–
7. जिला मजिस्ट्रेट से अभियोजन स्वीकृति हेतु पत्र
रिपोर्ट थाना ——– जनपद ——–
सेवा में,
श्रीमान जिलाधिकारी महोदय
जनपद ——–
विषय:- थाना ——– जनपद ——– में पंजीकृत मु0अ0सं0 000/2000 धारा …….व धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट में अभियोजन अनुमति के सम्बन्ध में।
महादेय,
सादर निवेदन है कि मु0अ0सं0 000/2000 धारा ……..व धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट थाना ——– जनपद ——– से संबंधित अभियुक्त ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– न्यायिक अभिरक्षा रिमांड पर जिला कारागार जनपद ——– में निरुद्ध चल रहा है।

श्रीमान जी, अभियुक्त ——– उपरोक्त द्वारा दिनांक ——– को दौरान गिरफ्तारी पूछताछ पर अपने बयान में जिस असलहे से मुकदमा उपरोक्त के मज़रूबों पर फायर किया था, उसे रास्ते में फेंक देने तथा जिसे स्वयं चल कर बरामद कराने की बात बताये जाने पर उक्त असलहे को बरामद करने हेतु अभियुक्त ——– उपरोक्त की निशानदेही पर अभियोग में प्रयुक्त तमंचे को बरामद किया गया।
बरामदगी के आधार पर अभियोग में धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट की बढ़ोत्तरी की गयी है। विवेचना के क्रम में मुकदमा उपरोक्त को अन्तर्गत धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट को सक्षम न्यायालय में अभियोग चलाये जाने हेतु अभियोजन स्वीकृति आवश्यक है।
अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि मुकदमा उपरोक्त में अभियुक्त ——– उपरोक्त के विरुद्ध अन्तर्गत धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट में सक्षम न्यायालय में अभियोग चलाये जाने हेतु अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करें।
दिनांक- ——–
हस्ताक्षर
उ0नि0/विवेचक
थाना ——–
जनपद ——–
8. धारा 170/126/1135 BNSS के अंतर्गत चालानी रिपोर्ट
चालानी रिपोर्ट अन्तर्गत धारा 170, 126/1135 BNSS
सेवा में,
श्रीमान उप जिला मजिस्ट्रेट महोदय,
——– जनपद, ——–
राज्य द्वारा: उ0नि0 ——– थाना ——– जनपद ——–
बनाम प्रथम पक्ष:
——– पुत्र ——– निवासी ——– थाना ——– जनपद ——– (उम्र करीब ,, वर्ष)
——– पुत्र ——– निवासी ——– थाना ——– जनपद ——– (उम्र करीब ,, वर्ष)
बनाम द्वितीय पक्ष:
——– पुत्र ——– निवासी ——– थाना ——– जनपद ——– (उम्र करीब ,,वर्ष)
——– पुत्र ——– निवासी ——– थाना ——– जनपद ——– (उम्र करीब ,, वर्ष)
महादेय,
निवेदन है कि दौरान गश्त ग्राम ——– में घूम रहे लोगों से जानकारी हुई कि ——– में ——– व ——– लड़ रहे हैं। इस सूचना पर मैं उ0नि0 मय हमराही पहुँचा तो ——– पुत्र ——– निवासी ——– थाना ——– जनपद ——– और ——– पुत्र ——– निवासी थाना ——– जनपद ——– के मकान/जमीन विवाद की बात को लेकर के ——– परिवार को मारने-पीटने पर आमादा थे।
उपनिरीक्षक द्वारा काफी समझाया-बुझाया गया, किन्तु उक्त लोग हम पुलिस वालों की बात न मानकर ——– व ——– उपरोक्त मारने-पीटने पर आमादा/फौजदारी पर आमादा थे।
संज्ञेय अपराध को घटित होने से रोकने एवं शांति-व्यवस्था बनाये रखने का और कोई उपाय न देखकर ——– व ——– उपरोक्त को अन्तर्गत धारा 170 बी0एन0एस0एस0 में समय करीब 00.00 बजे गिरफ्तार किया गया। दौरान गिरफ्तारी मानवाधिकारों एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन किया गया।
अभियुक्त ——– एवं ——– गंगा प्रसाद उपरोक्त के विरुद्ध चालानी रिपोर्ट अन्तर्गत धारा 170/126/135 बी0एन0एस0 तथा ——– व ——– उपरोक्त के विरुद्ध चालानी रिपोर्ट 126/135 बी0एन0एस0 में न्यायालय किया जाता है।
अतः निवेदन है कि…. आदि उपरोक्त को भारी से भारी जमानत मुचलके की धनराशि से पाबन्द करने की कृपा करें।
चालानी रिपोर्ट सादर सेवा में प्रेषित है।
गवाहान सूची / गवाहान:
एक पक्ष दूसरे पक्ष के विरुद्ध गवाही देगा।
SI ——–
थाना ——– जनपद ——–
संलग्नक:
चालानी रिपोर्ट 01 वर्क
नकल रपट 01 वर्क

9. गिरफ्तारी हेतु माननीय न्यायालय से आदेश/अधिपत्र जारी कराने संबंधी पत्र
रिपोर्ट थाना ——– जनपद ——–
सेवा में,
माननीय न्यायालय श्रीमान ——–
कोर्ट नं0 —- जनपद ——–
विषय:- मु0अ0सं0 000/2000 धारा ——– बी0एन0एस0 से संबंधित अभियुक्त ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– की गिरफ्तारी अधिपत्र प्रदान करने के संबंध में।
महादेय,
सादर निवेदन है कि दिनांक ——– को वादिनी/वादी ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– की तहरीरी सूचना पर थाना ——– में मु0अ0सं0 000/2000 धारा ——– बी0एन0एस0 बनाम ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– पंजीकृत हुआ, जिसकी विवेचना मुझ विवेचक द्वारा संपादित की जा रही है।
मुकदमा उपरोक्त में नामजद अभियुक्त ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– की गिरफ्तारी का काफी प्रयास करने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं की जा सकी। लगातार फरार चल रहा है।
अभियुक्त ——– उपरोक्त की गिरफ्तारी के क्रम में मुझ विवेचक द्वारा क्रमशः दिनांक ——–, ——–, ——–, ——– को दबिश दी गयी, परन्तु दस्तयाब नहीं हुआ। लगातार घर से फरार चल रहा है। गिरफ्तारी से बचने का भरपूर प्रयास कर रहा है।
अतः मा0 न्यायालय से अनुरोध है कि अभियुक्त ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– के विरुद्ध गिरफ्तारी अधिपत्र जारी करने की कृपा करें, ताकि विवेचना का निस्तारण किया जा सके।
संलग्नक- नकल रपट 04 वर्क
दिनांक- ——–
हस्ताक्षर
उ0नि0/विवेचक
थाना ——-
जनपद ——–
10. जेल में बंद अभियुक्त का धारा 180 BNSS का बयान दर्ज कराने हेतु रिपोर्ट
रिपोर्ट थाना ——– जनपद ——–
सेवा में,
माननीय न्यायाधीश महोदय ——–
जनपद ——–
विषय: मु0अ0सं0 ——– धारा ——– बी0एन0एस0 थाना ——– जनपद ——– से संबंधित अभियुक्त ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– का कारागार जनपद ——– में धारा 180 बी0एन0एस0 का बयान अंकित करने हेतु अनुमति प्रदान करने के सम्बन्ध में।
महोदय,
सादर निवेदन है कि मु0अ0सं0 ——– धारा ——– बी0एन0एस0 थाना ——– जनपद ——– से संबंधित अभियुक्त ——– पुत्र ——– निवासी ग्राम ——– थाना ——– जनपद ——– दिनांक ——– को मा0 न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है जो न्यायिक अभिरक्षा रिमांड पर जिला कारागार ——– में निरुद्ध हैं।
अभियुक्त ——– उपरोक्त का प्रचलित धारा ——– थाना ——– जनपद ——– की विवेचना के क्रम में धारा 180 बी0एन0एस0 का बयान आवश्यक है।
अतः माननीय न्यायालय से अनुरोध है कि अभियुक्त ——– उपरोक्त का जिला कारागार जनपद ——– में बयान अंकित करने हेतु अनुमति प्रदान करने की कृपा करें।
रिपोर्ट सादर सेवा में प्रेषित है।
दिनांक ——–
उ0नि0/विवेचक
थाना ——–
जनपद ——–

11. नोटिस अंतर्गत धारा 168 बीएनएसएस
नोटिस अन्तर्गत धारा 168 बी.एन.एस.एस.
नाम……………………………………… पुत्र………………………………………
ग्राम………………………….. थाना………………………….. जिला…………………………..
मो………………………………………
आपको अवगत कराना है कि मुझ उपनिरीक्षक को ज्ञात हुआ है कि दिनांक …… को ग्राम …… थाना …… जनपद …, में हुई घटना के सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 .,…… धारा .,.,…….बी0एन0एस0 व …. एक्ट पंजीकृत हुआ है। मुकदमा उपरोक्त में की गयी विवेचनात्मक कार्यवाही के विरोध में आपके द्वारा दिनांक …….. को थाना क्षेत्र में ….. चौक चौराहा कस्बा व थाना ….. में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया जाना प्रस्तावित है।
अतः आपको नोटिस के माध्यम से निर्देशित किया जाता है कि यदि आपके द्वारा ऐसा कृत्य किया जाता है तो आपके विरुद्ध विधिक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
(…….,……)
उपनिरीक्षक
थाना ……
जनपद ……..।

12. छात्र-छात्राओं को विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने संबंधी नोटिस
नोटिस अंतर्गत धारा 168 बीएनएसएस
विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि वर्तमान सामाजिक एवं राजनैतिक परिदृश्य का अनुचित लाभ उठाने के लिए कुछ संगठनों/समूहों एवं व्यक्तियों द्वारा अध्ययनरत एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को गुमराह करके स्वयं द्वारा आयोजित बिना अनुमति के प्रदर्शन/विरोध रैलियों में बुलाया जा रहा है। जिनसे शांति एवं यातायात व्यवस्था छिन्न-भिन्न- होने एवं सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने का भी प्रयास किया जा रहा है। यह पूर्णतः अवैध एवं गैर-कानूनी है।
अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि आपके हॉस्टल/संस्थान/विद्यालय/कोचिंग संस्थान में अध्ययनरत अथवा आवासित समस्त छात्र-छात्राओं को उपरोक्त तथ्यों से अवगत कराते हुए यह जानकारी प्रदान करें कि जनपद में बीएनएसएस की धारा 163 प्रभावी है, जिसके अन्तर्गत बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी धरना-प्रदर्शन, विरोध रैली अथवा ऐसे किसी कार्यक्रम का आयोजन करना अथवा उसमें सम्मिलित होना अवैध एवं कानूनी रूप से गलत है।
अतः पूर्ण प्रयास करें कि आपके अधीन कोई भी छात्र-छात्राएँ विधि विरुद्ध जमाव में शामिल न हों। इसमें प्रतिभाग करने वाले, योजना बनाने वाले तथा प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष सहयोग प्रदान करने पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जायेगी।
थाना प्रभारी
थाना …
जनपद ……..।
13.चिकित्सालय से CT Scan एवं Injury Report प्राप्त करने हेतु पत्र
रिपोर्ट थाना —— जनपद ——
सेवा में,
श्रीमान चिकित्साधिकारी महोदय
जिला चिकित्सालय
जनपद ——
कृपया अवगत कराना है कि थाना —— जनपद —— में पंजीकृत मु0अ0सं0 ——/2000 धारा —— बी0एन0एस0 की विवेचना मुझ विवेचक द्वारा सम्पादित की जा रही है।
उक्त अभियोग से सम्बन्धित मजरूब —— पुत्र —— निवासी ग्राम —— थाना —— जनपद —— को दिनांक —— को सी0एच0सी0 —— में प्राथमिक उपचार किये जाने के उपरान्त मजरूब —— उपरोक्त को एक्स-रे हेतु जिला चिकित्सालय सुलतानपुर रेफर किये जाने के फलस्वरूप दिनांक —— को जिला चिकित्सालय —— में मजरूब —— उपरोक्त का इलाज किया गया है।
अतः मजरूब —— उपरोक्त का सिटी स्कैन रिपोर्ट व इंजरी रिपोर्ट की छायाप्रति इस आशय से प्रेषित किया जा रहा है कि उक्त रिपोर्ट के आधार पर पूरक आहत आख्या प्रदान करने की कृपा करें।
रिपोर्ट सादर सेवा में प्रेषित है।
दिनांक- ——
उ0नि0/विवेचक
थाना ——
जनपद ——

14. धारा 25 पुलिस अधिनियम, पुलिस अधिकारी द्वारा बिना दावे वाली सम्पत्ति व्ययन के सम्बन्ध में रिपोर्ट तैयार करना
रिपोर्ट अन्तर्गत धारा 25, पुलिस एक्ट
थाना..__________जिला_________
सेवा में,
श्रीमान जिला मजिस्ट्रेट महोदय
जनपद_________
द्वारा-उचित माध्यम
विषय- लादावा 50 बोरे गेहूं के व्ययन के सम्बन्ध में आदेश देने विषयक।
महोदय,
निवेदन है कि दि………को ….. के पीछे से मुखबिर की सूचना पर छिपाकर रखा हुआ 50 बोरे गेहूं .,… को बरामद किया गया था। इस माल के स्वामी का पता लगाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया किन्तु बरामदगी के 3 माह बीत जाने के पश्चात् भी कोई व्यक्ति इस गेहूं पर अपना स्वामित्व जताने थाना हाजा पर आज तक उपस्थित नहीं हुआ है। उक्त माल लादावा प्रतीत हो रहा है। थाना परिसर में खुले में रखे होने के कारण उक्त माल के नष्ट होने की सम्भावना है।
अतः श्रीमानजी से निवेदन है कि उक्त 50 बोरे गेहूं के व्ययन के सम्बन्ध में उचित आदेश देने की कृपा की जाए ताकि उक्त लादावा माल का व्ययन किया जा सके।
रिपोर्ट सेवा में प्रेषित है।
संलग्नक-
(1) जी.डी. में माल दाखिला की नकल रपट की छायाप्रति दि. -(1) वर्क
हस्ताक्षर
थानाध्यक्ष
थाना__________
जिला_________
दिनांक_________

15. धारा 34, पुलिस अधिनियम के अन्तर्गत रिपोर्ट भेजना
अन्तर्गत धारा 34 पुलिस एक्ट
रिपोर्ट थाना__________जिला_________
राज्य द्वारा-
उ.नि_________थाना__________जिला_________
बनाम
________पुत्र________ग्राम_________ थाना__________जिला_________उम्र________वर्ष________

सेवा में,
मा. न्यायालय सी.जे.एम. महोदय
जनपद_________
महोदय,
निवेदन है कि आज दि_________को समय…………बजे श्री_________पुत्र_________ग्राम/_________थाना__________जिला_________उम्र…………वर्ष अपना ठेला, जिस पर वह केला बेच रहा था, सड़क पर खड़ा करके अतिक्रमण कर दिया था, जिससे आने-जाने वाली सवारियों को असुविधा हो रही थी तथा केला खाकर जो लोग छिलका उसी ठेले के पास सड़क पर फेंक रहे थे, उससे लोग फिसलकर गिर जा रहे थे।_________उपरोक्त को कई बार ठेला सड़क पर खड़ा करने से मना किया गया परंतु मान नहीं रहा था, उसका यह कृत्य धारा 34, पुलिस एक्ट का दण्डनीय अपराध है। उससे उसका कृत्य बताकर उसे हिरासत में लेकर व्यक्तिगत मुचलके पर मौके पर ही छोड़ा गया।
रिपोर्ट चालानी सेवा में प्रेषित है।

संलग्नक:—
(1) मुचलका अभियुक्त – (1) वर्क
(2) नकल रपट जी.डी. – (1) वर्क
हस्ताक्षर
उ. नि./HC
थाना__________जिला _________
दिनांक________
16. उ.प्र. आबकारी अधिनियम की धारा 72 के अन्तर्गत जब्ती की रिपोर्ट दिया जाना
रिपोर्ट। थाना._________जिला_________
सेवा में,
श्रीमान जिला मजिस्ट्रेट महोदय
जनपद_________
विषय- अधिगृहित की गयी अवैध शराब और उसको परिवहन करने वाले ट्रक को जब्त किए जाने के सम्बन्ध में।
महोदय,
निवेदन है कि दि………….को थाना स्थानीय अन्तर्गत………..चौराहे से ट्रक सं. _________ से परिवहन करके जनपद में लायी जा रही ब्लंडर . ब्राण्ड की 200 पेटी अवैध शराब (प्रत्येक पेटी 750 एम.एल. की 12 बोतल) बरामद की गयी है जिसके सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर मु.अ.सं.-00/2000 धारा 60/63 उ.प्र. आबकारी अधिनियम का अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा अभियुक्त_________पुत्र_________नि0 ग्राम________थाना_________जिला_________ गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास इस अवैध शराब को अपने कब्जे मे रखने तथा परिवहन करने का कोई परमिट व लाइसेस नहीं मिला और न ही प्रस्तुत किया गया है। अभियुक्त वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं।
अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि उक्त बरामद 200 पेटी अवैध विदेशी मदिरा तथा ट्रक संख्या 00000000 को जब्त करने की कृपा की जाए।
रिपोर्ट सेवा में प्रेषित है।
संलग्नक—
(1) फर्द बरामदगी की छायाप्रति-01वर्क
(2) जी.डी. की नकल रपट-01 वर्क
हस्ताक्षर थानाध्यक्ष
थाना________
जिला_________
दिनांक_________.
नोटिस अन्तर्गत धारा 190 BNSS
नाम पता साक्षीगणनाम………………………………….पिता………………………………….ग्राम………………………………..थाना………………………………….जिला………………………………….उम्र………………………………….जाति………………………………….मो0नं0………………………………….
मैं इस लेख द्वारा अपने को आबद्ध करता हूँ कि मैं न्यायालय द्वारा नियत तिथि को न्यायालय में हाजिर होऊँगा और वहीं उसी समय मु0अ0सं0……………… धारा……………… थाना……………… जिला……………… आरोप के मामले में अभियोजन में साक्ष्य दूँगा और यदि ऐसा करने में कासिर रहा तो मेरी राशि राज्य सरकार को अदा करूँगा

धारा 94 BNSS के अंतर्गत दस्तावेज/अन्य वस्तु प्रस्तुत करने हेतु नोटिस/लिखित आदेश

सेवा में,
श्री/श्रीमती —————————————
पुत्र/पुत्री/पत्नी ————————————
निवासी ————————————————
थाना —————————, जनपद —————
विषय : अभियोग/अन्वेषण के संबंध में दस्तावेज/इलेक्ट्रॉनिक संसूचना/डिजिटल साक्ष्य अथवा अन्य वस्तु प्रस्तुत किए जाने के संबंध में।
महोदय/महोदया,
उपर्युक्त अभियोग के संबंध में प्रचलित अन्वेषण के प्रयोजनार्थ यह आवश्यक/वांछनीय प्रतीत होता है कि आपके कब्जे, अभिरक्षा अथवा शक्ति में उपलब्ध निम्नलिखित दस्तावेज/इलेक्ट्रॉनिक संसूचना/डिजिटल साक्ष्य/अन्य वस्तु प्रस्तुत की जाए—
अतः भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 94 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपको निर्देशित किया जाता है कि उपर्युक्त दस्तावेज/वस्तु को दिनांक __________ को समय ______ बजे, थाना __________/स्थान __________ पर प्रस्तुत करें अथवा इस आदेश के अनुपालन में उक्त दस्तावेज/वस्तु प्रस्तुत करा दें।
यदि संबंधित दस्तावेज/वस्तु इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध है, तो उसे उसके उपलब्ध मूल इलेक्ट्रॉनिक रूप/प्रासंगिक डिवाइस सहित प्रस्तुत किया जाए, ताकि अन्वेषण में आवश्यकतानुसार उसका परीक्षण/संग्रहण किया जा सके।
आपके द्वारा इस आदेश का अनुपालन निर्धारित समय एवं स्थान पर किया जाना अपेक्षित है। विधि के अनुसार अनुपालन न किए जाने की स्थिति में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है
पद : प्रभारी निरीक्षक
थाना : _______________________
जनपद : ______________________
दिनांक : __________
स्थान : __________
हस्ताक्षर : __________________
नाम : __________
______________
मुहर
हस्ताक्षर
प्रमाण पत्र

अंतर्गत धारा 63 भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023
(मोबाइल फोन से प्राप्त स्क्रीनशॉट आदि के संदर्भ में)
यह प्रमाणित किया जाता है कि-
मैं …………………… (नाम) …………………………………. पता में निवास करती हूँ। मेरे पास ………… कंपनी का मोबाईल फोन है, जिसमें ………….. व ………….. कंपनी के सिम हैं। जिसके नम्बर क्रमश: ………………………………… हैं। तथा मोबाईल फोन का मॉडल नम्बर ………. मेक नं०…………तथा आई०एम०ई०आई० नम्बर………… है। इस मोबाईल फोन का स्वामी होने के नाते इस पर मेरा विधिक नियंत्रण है।
मैं उक्त मोबाईल फोन मे अपनी सिम नंबर …………. से रजिस्टर्ड कर व्हाट्सएप का प्रयोग करती हूँ और इस मोबाईल फोन को सूचनाओं के आदान प्रदान के लिये नियमित रूप से प्रयोग करती हूँ।
दिनांक ……………….. को समय …….. बजे मुझे इसके नियमित रूप से प्रयोग किये जाने के सामान्य अनुक्रम मे अमुक व्हाट्सएप ग्रुप में मोबाईल नम्बर ………….. से मेरा व्हाट्सएप नम्बर पर यह सुसंगत इमेज /वीडियो संदेश प्राप्त हुआ था।
मेरा उक्त मोबाईल फोन उक्त इमेज /वीडियो / संदेश प्राप्त करने के संपूर्ण क्रियाकलाप की उक्त अवधि के दौरान, उसके पूर्व एवं पश्चात समुचित ढंग से कार्य करता रहा है। और यदि किसी भाग में वह संचालन से बाहर था तो उससे इमेज /वीडियो/ संदेश और उनकी शुद्धता प्रभावित नहीं हुई है। उक्त इमेज /वीडियो/ संदेश का स्क्रीन शॉट मेरे द्वारा उक्त मोबाईल फोन मे लिया गया है। जिसका प्रिंटआउट मेरी प्रत्यक्ष उपस्थिति में श्री ……………………. के द्वारा कम्प्यूटर………………/ लेपटाप………………. एवं प्रिंटर की सहायता से प्राप्त किया गया है। या उक्त वीडियो को ……………… जी.बी. की ……………… कम्पनी की पेनड्राइव में कम्प्यूटर ……………… लेपटाप की सहायता से कॉपी किया गया है। जो मूल का ही सत्य प्रतिरूप है।
उक्त अवधि मे मोबाईल फोन मेरी सुरक्षित अभिरक्षा में होकर पासवर्ड से संरक्षित रहा है। उक्त समस्त तथ्य मेरे सर्वोत्तम ज्ञान एवं विश्वास पर आधारित होकर सत्य हैं।
हस्ताक्षर
प्रमाण पत्र जारी कर्ता
प्रमाण पत्र
अंतर्गत धारा 63 भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023
यह प्रमाणित किया जाता है कि-
मैं ……………………. (नाम) ……………………………………………. पता में निवास करता/करती हूँ । मेरे पास ………………..कंपनी का ……………….. है, जिसका सीरिएल न०/मॉडल न० ……………………………… है, इस ……………………. का स्वामी होने के नाते इस पर मेरा विधिक नियंत्रण है।

दिनांक ……………………. को समय ……………………. बजे मुझे इसके नियमित रूप से प्रयोग किये जाने के सामान्य अनुक्रम में अमुक इमेज / वीडियो संदेश प्राप्त हुआ था।

उक्त इमेज / वीडियो / संदेश प्राप्त करने के संपूर्ण क्रियाकलाप की उक्त अवधि के दौरान, उसके पूर्व एवं पश्चात समुचित ढंग से कार्य करता रहा है और यदि किसी भाग में वह संचालन से बाहर था तो उससे इमेज /वीडियो/ संदेश और उनकी शुद्धता प्रभावित नहीं हुई है। उक्त इमेज / वीडियो/ संदेश का वीडियो रिकॉर्डिंग मेरी व समक्ष गवाहान…………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………….. की प्रत्यक्ष उपस्थिति में श्री ……………………. के द्वारा ……………………. से उक्त वीडियो को …………….. जी.बी. की …………….. कंपनी की पेनड्राइव में कॉपी किया गया है। जो मूल का ही सत्य प्रतिरूप है।
उक्त अवधि में ……………………. मेरी सुरक्षित अभिरक्षा में होकर संरक्षित रहा है। उक्त समस्त तथ्य मेरे सर्वोत्तम ज्ञान एवं विश्वास पर आधारित होकर सत्य हैं।
हस्ताक्षर
प्रमाण पत्र जारी कर्ता
नाम एवं पता
नाम एवं पता

जुर्म खारिजा रिपोर्ट
1.क्र.सं.: 1
2.मु० अ० सं० 000/2000
3. धारा 147, 323, 506, भा.दं.वि.
4.दिनांकघटना/समय: 00.00.2000
5.दिनांक सूचना/समय:00.00.2000
6.घटना स्थल: व० द० ग्राम __________ थाना__________
जनपद __________
7.वादिनी/वादी __________पुत्र /पत्नी __________R/o __________ PS __________ जनपद _________
8. बनाम (1) ….. (2) .….. पुत्रगण ….. (3) …. पुत्र …… (4) ….. पुत्र ….. (5) …… पुत्र ….. समस्त निवासीगण ग्राम ……… PS ……. जनपद ……
9.विवरण:
श्रीमान जी निवेदन है कि मु० अ० सं० 000/2000धारा 147, 323, 506, भा० द० वि० वादिनी/वादी मुकद्दमा के प्रार्थना पत्र पर मा० न्यायालय के आदेश से _________आदि पाँच नफर के विरुद्ध पंजीकृत होकर विवेचना उ0नि0_________ को सुपुर्द हुई। उनके स्थान पर स्थानांतरण होकर जाने के फलस्वरूप विवेचना मुझ SI को सुपुर्द हुई। विवेचना की गयी। अब तक की तमाम तफ्तीश बयान वादी/बयान गवाहान ,निरीक्षण घटना स्थल मेडिकल रिपोर्ट दिनांक एवम् पूछताछ आदि के आधार पर किसी जुर्म का होना नहीं पाया गया। विवेचना अंतिम रिपोर्ट 00/00/2000दिनांक 00/00/2000 को समाप्त की जा चुकी है।
अतः निवेदन है कि मुकद्दमा उपरोक्त में जुर्म खारिज करने की कृपा करें।
(हस्ताक्षर)
(_________)
उप निरीक्षक,
थाना _________
जनपद_________
रिपोर्ट अन्तर्गत धारा 182 IPC
रिपोर्ट थाना __________जनपद __________
सेवा में,
न्या० श्रीमान ACJM महोदय, कोर्ट नं०
जनपद – __________
राज्य द्वारा – SI __________ PS __________जनपद, __________

बनाम
वादिनी/वादी __________पुत्र /पत्नी __________ R/o ग्राम __________ थाना __________ जनपद __________
महोदय,
निवेदन है कि वादिनी/वादी __________पुत्र /पत्नी __________R/o __________ PS __________ जनपद __________द्वारा मु० अ० सं० 106/2000 धारा 147, 323, 506, भा०द०वि० थाना __________ बनाम (1) ….. (2) .….. पुत्रगण ….. (3) …. पुत्र …… (4) ….. पुत्र ….. (5) …… पुत्र ….. समस्त निवासीगण ग्राम ……… PS ……. जनपद …… के विरुद्ध दिनांक 00.00.2000 को पंजीकृत कराया गया था। अब तक की तमामी तफ्तीश बयान वादिनी/वादी, बयान गवाहान, निरीक्षण घटना स्थल, मेडिकल रिपोर्ट का दिनांक व पूछताछ आदि के आधार पर किसी जुर्म का होना नहीं पाया गया। विवेचना जरिए अंतिम रिपोर्ट समाप्त की गयी। वादिनी/वादी मुकदमा द्वारा जानबूझकर झूठा अभियोग पंजीकृत कराया गया था जिससे स्पष्ट है कि वादिनी/वादी …….. उपरोक्त द्वारा जानबूझकर अभियोग से सम्बन्धित अभियुक्तों को अनाधिकृत रूप से मुकदमे में फसाना चाहती/ चाहता है। उपरोक्त के परिप्रेक्ष्य में वादिनी/वादी मुकदमा के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं। ऐसी स्थिति में वादिनी/वादी मुकदमा …… उपरोक्त के विरुद्ध अन्तर्गत धारा 182 IPC के तहत न्यायालय में वाद चलाना न्यायसंगत है।
अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि वादिनी/वादी …… उपरोक्त के विरुद्ध न्यायालय में अन्तर्गत धारा 182 IPC के तहत वाद चलाने की कृपा करें।
हस्ताक्षर
SI /विवेचक
थाना __________
जनपद _________

अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करना
धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के मुकदमे में अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करना
रिपोर्ट थाना_________जनपद_________
सेवा में,
श्रीमन् जिला मजिस्ट्रेट महोदय
जनपद._________
विषय— मु.अ.सं.-00/25 धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के नामजद अभियुक्त_________पुत्र_________निवासी ग्राम………थाना_________जनपद_________के विरुद्ध न्यायालय में आरोप-पत्र दायर करने के लिए धारा 11 आवश्यक वस्तु अधि. के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने के सम्बन्ध में।
महोदय,
निवेदन है कि दि0………….को थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु.अ.सं.-00/25 धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के नामजद अभियुक्त……………पुत्र…………निवासी ग्राम……………… थाना_________जनपद________ के विरुद्ध विवेचना पूर्ण हो गयी है। विवेचना से उसके विरुद्ध कोटे का अनाज गेहूं खुले बाजार में बेचने और उसका ——-कुंतल स्टॉक कर रखने की बात सही पायी गयी है। अपराध में_________उपरोक्त की संलिप्तता पूर्ण रूपेण साक्ष्यों व सबूतों से प्रमाणित है।
अतः श्रीमन् जी से निवेदन है कि अभियुक्त_________उपरोक्त के विरुद्ध न्यायालय में वाद संस्थित करने और आरोप-पत्र प्रेषित करने हेतु धारा 11 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की जाय।
रिपोर्ट सेवा में प्रेषित है।
संलग्नक—
सम्पूर्ण केस डायरी मूल मय प्र.सू.रि. की छाया प्रति के-(—-) वर्क
हस्ताक्षर
उ.नि.
थाना _________
जनपद_________
दिनाक_________

धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के मुकदमे में अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने की रिपोर्ट
रिपोर्ट थाना _________जनपद_________
सेवा में,
श्रीमान जिला मजिस्ट्रेट महोदय
जनपद………
विषय- मु.अ.सं.-00/2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में अभियुक्त………पुत्र……… निवासी ग्राम……….थाना _________जनपद_________ के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर करने हेतु धारा 39 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने के सम्बन्ध में।
महोदय,
निवेदन है कि थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु.अ.सं.-00/ 2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट की विवेचना पूर्ण हो गयी है। संकलित साक्ष्यों से अभियुक्त………पुत्र………निवासी ग्राम……….थाना _________जनपद_________उम्र………वर्ष के विरुद्ध धारा 3/25 आर्म्स एक्ट का जुर्म बखूबी प्रमाणित है। अभियुक्त………उपरोक्त के कब्जे से चालू हालत में एक अदद देसी तमंचा 315 बोर व 02 अदद जीवित कारतूस 315 बोर के बरामद हुए हैं, जिसे महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
अतः श्रीमानजी से निवेदन है कि अभियुक्त………उपरोक्त के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर करने तथा आरोप-पत्र प्रेषित करने हेतु धारा 39 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की जाए।
रिपोर्ट सादर सेवा में प्रेषित है।
संलग्नक—
केस डायरी में प्र.सू.रि. की प्रमाणित छायाप्रति के-(—) वर्क
हस्ताक्षर
उ.नि.
थाना _________
जनपद_________
दिनांक………

. गैंगस्टर, एक्ट 1986 के तहत अभियोजन स्वीकृति
रिपोर्ट थाना _________जनपद _________
सेवा में,
श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय,
जनपद-……
विषय—मु.अ.सं.-……../25धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट, 1986 में नामजद अभियुक्तगण के विरुद्ध आरोप-पत्र न्यायालय में दायर करने हेतु अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने के सम्बन्ध में।
महोदय,
निवेदन है कि थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु.अ.सं.-……./26धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट, 1986 की विवेचना पूर्ण हो चुकी है। इस मुकदमे के नामजद अभियुक्त……..(1)_________पुत्र_________नि._________थाना _________जनपद_________उम्र._________वर्ष, (2)……….पुत्र……….नि. ग्राम________थाना _________जनपद_________ जनपद_________उम्र……….वर्ष, (3)……….पुत्र……….नि. ग्राम_________थाना _________जनपद_________. जनपद_________उम्र……….वर्ष, के विरुद्ध आरोप-पत्र लगाए जाने हेतु पर्याप्त साक्ष्य व सबूत है तथा इन चारों नामजद अभियुक्तगण के विरुद्ध धारा 2/3 उ.प्र. गैंगस्टर, एक्ट, 1986 का जुर्म बखूबी प्रमाणित है।
श्रीमान जी! इन चारों नामजद अभियुक्तगण उपरोक्त के विरुद्ध न्यायालय में वाद संस्थित करने तथा आरोप-पत्र दायर करने हेतु ,उ.प्र. गैंगस्टर, एक्ट 1986 के तहत महोदय द्वारा अभियोजन स्वीकृति प्रदान किया जाना आवश्यक है।
अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि……….आदि उपरोक्त चार नफर नामजद अभियुक्तगण के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की जाये।
रिपोर्ट सेवा में प्रेषित है।
संलग्नक—
समस्त केस डायरी-(—-) वर्क
हस्ताक्षर
थानाध्यक्ष/विवेचक
थाना _________
जनपद _________
दिनांक………

धारा 14(1) उ.प्र. गैंगस्टर एक्ट, 1986 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध में अर्जित सम्पत्ति जब्ती की आख्या तैयार करना
रिपोर्ट थाना _________जनपद _________
सेवा में,
श्रीमान जिला मजिस्ट्रेट महोदय
जनपद_________
द्वारा-उचित माध्यम
विषय—मु.अ.सं_________/2000 धारा 2/3 उ.प्र. गैंगस्टर एक्ट, 1986 के नामजद अभियुक्त _________पुत्र_________नि. ग्राम_________थाना _________जनपद _________की अपराध से अर्जित सम्पत्ति को धारा 14(1) उ.प्र. गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त करने के सम्बन्ध में।
महोदय,
निवेदन है कि थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु.अ.सं_________/2000 धारा 2/3 उ.प्र. गैंगस्टर एक्ट के नामजद अभियुक्त_________पुत्र_________निवासी________ ग्राम_________थाना _________जनपद _________द्वारा वर्ष 1986 के पश्चात् अपराध करके निम्न संपत्तियों का अर्जन किया गया है, जिनका मूल्य (आर्थिक मूल्यांकन) सम्बन्धित विभाग से कराया गया है। इन अपराध से अर्जित सम्पत्तियों का विवरण निम्नवत् है-
एक अदद मकान 02 कमरों का 30 फीट x 40 फीट में, वर्ष 2015 में निर्मित, जिसकी भूमि व भवन अभियुक्त के नाम है, जो म.नं. 00, बाजार थाना _________जनपद _________में स्थित है जिसकी कीमत रूपया 35 लाख 50 हजार (पी.डब्ल्यू.डी. के सर्वेयर द्वारा निर्धारित कीमत, रिपोर्ट संलग्न)एक दोपहिया वाहन हीरो होण्डा मोटर साइकिल अभियुक्त के नाम रजिस्टर्ड, रजिस्ट्रेशन नं.-यू.पी. 00 00. 0000, कीमत 25000 रूपया (आर.टी.ओ. कार्यालय के निरीक्षक द्वारा निर्धारित कीमत, रिपोर्ट संलग्न)
श्रीमान जी उपरोक्त दोनों परिसम्पत्तियां अभियुक्त________उपरोक्त द्वारा अपराध करने से प्राप्त आय से क्रय की गयी हैं, जिनका कुल मूल्य 35लाख 75 हजार है।
अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि अभियुक्त_________उपरोक्त की अपराध से अर्जित 35 लाख 75 हजार मूल्य की उपरोक्त सम्पत्तियों को धारा 14(1) उ.प्र. गिरोहबन्द एवं समाजविरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के अन्तर्गत जब्त करने के कृपा की जाए।
रिपोर्ट सेवा में प्रेषित है।
संलग्नक—
रिपोर्ट इंजीनियर पी.डब्ल्यू.
डी.-(2) वर्क
रिपोर्ट आर.टी.ओ. कार्यालय के आर.आई. की-(2) वर्क
प्र.सू.रि. की प्रमाणित प्रति-(4) वर्क
हस्ताक्षर_________
प्रभारी निरीक्षक/विवेचक
थाना _________
जनपद _________
दिनांक_________

धारा 141(B) BNSS के अंतर्गत चालानी रिपोर्ट
रिपोर्ट चालानी अन्तर्गत धारा 141(B) BNSS थाना ……………. जनपद …………….
सेवा में,
उपजिला मजिस्ट्रेट महोदय,
……………. जनपद …………….।
राज्य द्वारा उ0नि0 ……………. थाना ……………. जनपद …………….।
बनाम
प्रथम पक्ष
……………. पुत्र ……………. निवासी ग्राम ……………. थाना ……………. जनपद …………….।
द्वितीय पक्ष
……………. पुत्र ……………. निवासी ग्राम ……………. थाना ……………. जनपद …………….।
महोदय,
निवेदन है कि प्रथम पक्ष के ……………. व द्वितीय पक्ष के ……………. उपरोक्त के मध्य पूर्व रंजिश / जमीनी विवाद / अन्य के कारण विवाद व कसीदगी व्याप्त है, जिसके संबंध में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु थाना स्थानीय से दिनांक ……………. को उभय पक्षों के बीच अन्तर्गत धारा 170/135/126 बीएनएसएस की  दिनांक…..को कार्यवाही की जा चुकी है।
उभयपक्ष जमानत व मुचलके मुताबिक रुपया ……………. से ……………. माह हेतु पाबन्द हैं। उभयपक्षों द्वारा दिनांक ……………. को जमानत व मुचलके पर पाबन्द रहते हुए मुचलके की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पुनः विवाद कर शान्ति व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया गया। जिसके सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 ………. धारा …………….. पंजीकृत है।उभयपक्षों का चालान अन्तर्गत धारा 141(B) BNSS में चालानी रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है।
अतः माननीय न्यायालय से अनुरोध है कि न्यायोचित कार्यवाही करने की कृपा करें
संलग्न
चालानी रिपोर्ट ….. वर्क
अभियोग की छायाप्रति ….. वर्क
उ0नि0 …………….
थाना …………….
जनपद ……………आपराधिक मुकदमा दर्ज होने पर शस्त्र लाइसेंस के संबंध में पुलिस रिपोर्ट कैसे तैयार करें
किसी शस्त्र लाइसेंस धारक के विरुद्ध गंभीर आपराधिक मुकदमा पंजीकृत होने अथवा शस्त्र के दुरुपयोग की स्थिति में पुलिस स्तर से शस्त्र लाइसेंस के निलम्बन, निरस्तीकरण की आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित प्राधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा सकती है।
ऐसी रिपोर्ट का उद्देश्य केवल मुकदमा दर्ज होने की सूचना देना नहीं होता, बल्कि उपलब्ध तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर यह बताना होता है कि संबंधित शस्त्र लाइसेंस के संबंध में कार्रवाई की आवश्यकता क्यों है।
पुलिस रिपोर्ट में क्या-क्या होना चाहिए?
रिपोर्ट में सामान्यतः निम्न बिंदुओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए—
1. अधिकारी को संबोधन
रिपोर्ट संबंधित जिलाधिकारी/लाइसेंसिंग प्राधिकारी को पुलिस अधीक्षक के माध्यम से भेजी जाएगी।
2. शस्त्र लाइसेंस का विवरण
लाइसेंस धारक का नाम, पता, लाइसेंस संख्या तथा शस्त्र का प्रकार/नंबर उपलब्ध अभिलेख के अनुसार अंकित किया जाएगा ।
3. आपराधिक इतिहास
लाइसेंस धारक के विरुद्ध पंजीकृत मुकदमों का संक्षिप्त विवरण दिया जाता है। विशेष रूप से वर्तमान मुकदमे का FIR/मु0अ0सं0, धाराएँ और थाना स्पष्ट किया जाना चाहिए।
4. शस्त्र के दुरुपयोग अथवा नियमों के उल्लंघन का उल्लेख
यदि जांच से ऐसा तथ्य सामने आया हो कि शस्त्र का दुरुपयोग हुआ है अथवा लाइसेंस की शर्तों/कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है, तो उसका तथ्यात्मक उल्लेख किया जाना चाहिए।
5. पूर्व की कार्रवाई
यदि लाइसेंस पहले निलम्बित अथवा निरस्त हुआ था और बाद में किसी आदेश से बहाल हुआ है, तो उसका उल्लेख तथा संबंधित आदेश का विवरण देना आवश्यक  है।
6. स्पष्ट पुलिस आख्या
अंत में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर संबंधित लाइसेंस के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने हेतु स्पष्ट संस्तुति/आख्या प्रस्तुत की जाती है।
प्रारूप शस्त्र निरस्तीकरण
रिपोर्ट थाना ……….. जनपद  ………..
सेवा में,
श्रीमान जिलाधिकारी महोदय
जनपद  ………..
द्वारा
श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय
जनपद  ………..
विषय- शस्त्र लाइसेंस धारक धारक श्री __________ पुत्र __________ निवासी __________ थाना __________ जनपद __________के  शस्त्र लाइसेंस नं० ……………………….राइफल /sbbl/sbbl नं० ………. जब्तीकरण/शस्त्र लाइसेंस को निलम्बित कर निरस्तीकरण के सम्बन्ध में आख्या।
महोदय,
निवेदन है कि शस्त्र लाइसेंस धारक श्री __________ पुत्र __________ निवासी __________ थाना __________ जनपद __________ के नाम शस्त्र लाइसेंस संख्या __________ तथा शस्त्र संख्या __________  है।
उक्त लाइसेंस धारक के विरुद्ध  पूर्व में थाना __________ पर निम्न मुकदमा पंजीकृत है।शस्त्र लाइसेंस धारक ……… सिंह उपरोक्त द्वारा शस्त्र अधिनियम में वर्णित नियमों व शर्तों का उल्लंघन किया गया।शस्त्र लाइसेंस धारक ………  उपरोक्त के विरुद्ध पुनःमु0अ0सं0 …… धारा …… बीएनएस व 30 आर्म्स एक्ट थाना ….. जनपद ……. पंजीकृत हुआ है। इनके द्वारा अपने शस्त्र का दुरुपयोग किया जाता है, जिससे जनमानस में भय व्याप्त है।
अतः श्रीमान जी से अनुरोध है कि शस्त्र लाइसेंस धारक   ………निवासी ग्राम ….. थाना ……जनपद………  का शस्त्र लाइसेंस निलम्बित कर निरस्त करने की कृपा करें।
रिपोर्ट सादर सेवा में प्रेषित है।
थानाध्यक्ष
थाना…..
जनपद…..
संलग्नक-
एफ.आई.आर. की प्रमाणित प्रति
आपराधिक इतिहास।
अन्य संबंधित अभिलेख/आदेश की प्रति
शस्त्र लाइसेंस के निलम्बन या निरस्तीकरण की कार्रवाई   Arms Act की धारा 17 के तहत की जाती है
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