समन, नोटिस, जमानतीय वारंट, गैर जमानतीय वारंट

समन, नोटिस, जमानतीय वारंट, गैर जमानतीय वारंट क्या है
इस पेज पर जो भी लिखा गया है वह आसान शब्दों में और आसानी से समझने के लिए ही लिखा गया है इसे लखने का इतना ही उद्देश्य है की सरलता से समझा जा सके

समन माननीय न्यायालय द्वारा जारी किया गया एक आदेश होता है, जिसमें किसी व्यक्ति को एक निश्चित तिथि व समय पर न्यायालय के सामने उपस्थित होने के लिए जारी किया जाता है। समन मे अभि0/साक्षी का नाम व पता, वाद सं0 ,मु0अ0सं0 ,धारा, पेशी का तारीख अंकित रहता है ।
जब समन माननीय न्यायालय से पैरोकार द्वारा थाने पर प्राप्त होता है तो पैरोकार के वापसी मे डाक / समन की आमद की जाती है तब उस समन को तामील करने के लिए थानाध्यक्ष थाने के किसी अधि0/ कर्मचारी को नामित करते है उस अधि0/कर्मचारी द्वारा मान0न्या0 द्वारा जारी किये गये समन की तामीला की जाती है

समन का तामीला
जिसे तीन प्रकार से तामील किया जाता है ।
1.बजात खास
-समन मान0न्या0 द्वारा जिस व्यक्ति पर जारी किया जाता है उस व्यक्ति को समन की द्वितीय प्रति देकर अदालत, तारीख पेशी व समय से अवगत कराकर समन के मूल प्रति के पृष्ठ भाग पर हस्ताक्षर/ निशानी अंगूठा लगाकर तामीला किया जाता है इस प्रकार के तामीला को बजातखास तामीला कहते है ।
2.जरिए वारिस
– समन मान0न्या0 द्वारा जिस व्यक्ति पर जारीकिया जाता है उस व्यक्ति के न मिलने पर उसके परिवार के किसी वयस्क सदस्य को जो उसके साथ निवास कर रहा हो उसे समन की एक प्रति देकर
अदालत, तारीख पेशी व समय से अवगत कराकर समन के मूल प्रति के पृष्ठ भाग पर हस्ताक्षर/ निशानी अंगूठा लगाकर तामीला किया जाता है इस प्रकार के तामीला को जरिए वारिस तामीला कहते है ।
3.चस्पा कर तामीला-
मान0न्यायालय द्वारा जारी किया गया समन यदि उपरोक्त दोनो प्रकार से तामील नही हो सका तो उस व्यक्ति के घर के मुख्य द्वार या सहज रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर आस पास के गवाहो के समक्ष चश्पा किया जाता है तथा उसका फोटो खीचकर प्रमाण के रूप मे मान0न्या0 को रिपोर्ट के साथ प्रेषित किया जाता है इस प्रकार से समन का तामीला पुलिस द्वारा किया जाता है यदि सम्भव हो तो सम्मनी का मोवाईल नंम्वर हस्ताक्षर कराने के पास लिखना चाहिए
नोटिस – समन के ही प्रकार से जारी होता है
नोटिस और समन दोनो मान0न्या0 द्वारा जारी किया जाता है जबकी सरकारी अन्य विभाग द्वारा मात्र नोटिस जारी किया जाता है
तामीला समन, नोटिस दोनो का एक ही प्रकार से तामील किया जाता है ।
नोटिस सूचना या चेतावनी या स्पष्टीकरण या जबाब देने के लिए जारी किया जाता है जबकी समन के जारी होने पर प्रतेक दशा मे न्यायालय मे उपस्थिति अनिवार्य होती है।

2. वारंट क्या  है
जब व्यक्ति समन प्राप्त होने  के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं होता,या उपस्थित होने से जानबूझ कर बचने का प्रयास करता है  तब माननीय न्यायालय द्वारा वारंट जारी किया जाता है। वारंट मूल रूप से दो प्रकार का होता है

1.जमानती वारंट 2. गैर-जमानती वारन्ट

जमानतीय वारन्ट BW
जमानतीय वारन्ट BW=माननीय न्यायालय द्वारा जारी किया गया ऐसा आदेश है जिस आदेश/ जमानतीय वारन्ट के क्रम मे पुलिस वारन्टी/ व्यक्ति को उस जमानतीय वारन्ट की तामीला के लिए नियमानुसार गिरफ्तार करती है तथा उस वारन्टी के  निर्धारित धनराशि के मुचलका व जमानत देने पर रिहा करती है ।
NBW (गैर-जमानती वारंट) क्या होता है

NBW (गैर-जमानती वारंट)=माननीय न्यायालय द्वारा जारी किया जाता है गैर-जमानती वारंट की तामीला मे पुलिस वारन्टी को नियमानुसार गिरफ्तार करके मान0 न्यायालय के समक्ष अबिलम्ब पेश करती है इस वारन्ट मे जमानत का अधिकार नही होता है ।वारन्टी की गिरफ्तारी के बाद वारन्टी की रिहाई तब होती है जब वह वारन्टी जमानत कराता है तब अदालत की अनुमति से ही रिहा होता है ।
-समन प्राप्त होने पर प्रतेक दशा मे तय तारीख व समय पर अदालत के समक्ष  उपस्थित होना चाहिए , समन के बाद  वारंट जारी हो सकता है। वारन्ट जारी होने से बचने के लिए समन मिलने पर समय से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना चाहिए ।

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